सूर्य के अन्य ग्रहो के साथ कार्य
सूर्य चन्द्रमा
दोनो ग्रह एक साथ जिस भाव मे होते है उसी के अनुसार अपना फल प्रदान करते है,लगन मे एक साथ होने पर अमावस्या के आस पास का जन्म बताते है,सूर्य पिता है तो चन्द्र माता है,माता पिता के साथ रहने वाला जातक होता है,भदावरी ज्योत्ष कहती है कि सूर्य अहम है तो बुध बोली,जो अहम से बोले वह सूर्य बुध को अपनी लगन मे बिठाकर रखता है,सूर्य पिता है तो बुध बहिन है,दोनो ही अहम से परेशान रहते है,लगन अगर मेष राशि है तो जातक रक्षा सेवाओ मे केश क्लर्की के काम करता है,मन्गल अगर साथ है तो चन्द्रमा से सम्बन्द है ही,तो पुलिस विभाग मे एकाउन्ट का काम करता है,शनि या राहु साथ है तो अस्पताल से जुडे काम करता है,शनि की पूरी ताकत सूर्य के साथ कुन्डली के आठवे भाव से है तो जमीन के नीचे से जल को निकालने वाले काम है,राहु साथ है तो गेस पेट्रोल डीजल के काम होते है,दोनो के ऊपर अगर किसी ग्रह की नजर नही है तो जन्ता मे नेतागीरी के काम होते है ।

